मोहब्बत का पैग़ाम: Furkan S Khan की दिल छू लेने वाली नज़्म
Furkan S Khan की ख़ूबसूरत नज़्म 'मोहब्बत का पैग़ाम' प्यार के गहरे एहसास को बयाँ करती है। यह नज़्म बताती है कि कैसे मोहब्बत हर दिल में रहती है और हर पल साथ निभाती है।
जज़्बा: भावना, एहसास। ढलकर: बदलकर, परिवर्तित होकर। ज़ुबाँ: भाषा, बोली। बिन बोले: बिना कुछ कहे। घुल कर: मिलकर, समाकर।
अज़मत: महिमा, grandeur, महानता। पहचान: identity, पहचान। मुस्कान: हँसी, smile। राह: रास्ता, path। मंज़िल: लक्ष्य, destination। निशान: चिन्ह, mark। अरमान: इच्छा, desire, aspiration।
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