प्रेम की पहचान: फरकान एस खान की हृदयस्पर्शी क़िता
फरकान एस खान की इस खूबसूरत क़िता में प्रेम की सच्ची पहचान जानें। दिल से दिल का रिश्ता और रूह का सुकून - यही है प्रेम।
जब दिल से दिल का रिश्ता हो,
हर पल जहाँ बस मिलता हो।
जो रूह को सुकून दे जाए,
वही सच्चा प्रेम होता हो।
Kaafiya रिश्ता, मिलता, होता
Radeef हो
F
Poetry ByFurkan S Khan
तेरी निगाहों में एक जादू है,
जो दिल को मेरे बेकाबू है।
हर साँस में तेरी चाहत है,
तू ही मेरी हर आरज़ू है।
Kaafiya जादू, बेकाबू, आरज़ू
Radeef है
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Poetry ByFurkan S Khan
प्रेम की पहचान
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: रिश्ता, मिलता, होता | Radeef: हो
जब दिल से दिल का रिश्ता हो,
हर पल जहाँ बस मिलता हो।
जो रूह को सुकून दे जाए,
वही सच्चा प्रेम होता हो।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: जादू, बेकाबू, आरज़ू | Radeef: है
तेरी निगाहों में एक जादू है,
जो दिल को मेरे बेकाबू है।
हर साँस में तेरी चाहत है,
तू ही मेरी हर आरज़ू है।
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