बहरीन में बज उठे सायरन, ईरान ने दागे ड्रोन — युद्धविराम समझौता खतरे में, ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित अस्थायी युद्धविराम समझौते (MOU) पर अमल शुरू होने से पहले ही खाड़ी क्षेत्र में फिर आग भड़क उठी। बहरीन में सुबह ड्रोन हमलों के बाद एयर-रेड सायरन बजे, अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमले किए और राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को "इस्लामी गणराज्य का अंत" करने की धमकी दे डाली।
अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित अस्थायी युद्धविराम समझौते (MOU) पर अमल शुरू होने से पहले ही खाड़ी क्षेत्र में फिर आग भड़क उठी। बहरीन में सुबह ड्रोन हमलों के बाद एयर-रेड सायरन बजे, अमेरिका ने जवाबी हमले किए और राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान को "इस्लामी गणराज्य का अंत" करने की धमकी दे डाली।
रात अभी पूरी तरह ढली भी नहीं थी कि बहरीन की राजधानी मनामा के आसमान में सायरन की आवाज़ें गूंजने लगीं। लोग नींद से जागे, बच्चे डरे, और सोशल मीडिया पर ड्रोनों की तस्वीरें वायरल होने लगीं। 28 जून की यह सुबह खाड़ी क्षेत्र के लिए एक और तनावपूर्ण सुबह साबित हुई — क्योंकि ईरान ने एक बार फिर बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
यह हमला महज संयोग नहीं था। यह उस लंबी कड़वाहट की अगली कड़ी है जो 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर संयुक्त हमलों से शुरू हुई थी — और तब से रुकने का नाम नहीं ले रही।
विदेश मंत्री मार्को रूबियो बहरीन में GCC देशों से मिले। उसी दिन होर्मुज़ से गुज़र रहे जहाज़ M/V Ever Lovely पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ।
CENTCOM ने जवाबी कार्रवाई की — ईरान के मिसाइल-ड्रोन भंडार और रडार केंद्रों पर हमला। VP वेंस ने चेतावनी दी: "हिंसा का जवाब हिंसा से।"
बहरीन ने पुष्टि की — ईरानी ड्रोनों ने धरती निशाना बनाई। होर्मुज़ में पनामा-ध्वज टैंकर M/T Kiku पर ड्रोन हमला।
CENTCOM ने दूसरा जवाबी हमला किया — संचार प्रणाली, वायु रक्षा, ड्रोन भंडार और माइनलेयर सुविधाएं तबाह।
बहरीन में फिर सायरन। IRGC ने 5th Fleet बेस और कुवैत एयरबेस पर हमले का दावा किया। ट्रंप ने कड़ी चेतावनी जारी की।
"अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन भंडारों और तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया — युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने पर, फिर से! शायद वे कभी नहीं सीखेंगे। एक वक्त आएगा जब हम उदार नहीं रह सकेंगे — और उस दिन इस्लामी गणराज्य ईरान का अस्तित्व नहीं रहेगा!"
- 28 फरवरी 2026: अमेरिका-इज़रायल ने "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" — ईरान पर बड़े हमले।
- 8 अप्रैल 2026: पाकिस्तान की मध्यस्थता में अस्थायी युद्धविराम लागू।
- जून 2026 (पहला हफ्ता): युद्धविराम टूटा — कुवैत एयरपोर्ट और खाड़ी देशों पर हमले।
- मध्य जून 2026: अमेरिका-ईरान ने 60-दिवसीय MOU पर हस्ताक्षर किए। होर्मुज़ 60 दिन टोल-मुक्त।
- बहरीन में अब तक: 174 मिसाइल और 391 ड्रोन मार गिराए। 3 मौतें, 51 से अधिक घायल।
- स्विट्ज़रलैंड वार्ता: बर्गेनस्टॉक रिसोर्ट में अमेरिकी-ईरानी प्रतिनिधि स्थायी समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
मनामा में भोर की अज़ान के वक्त जब सायरन बजे तो लोगों ने अपने परिवारों को घर के भीतरी हिस्सों में छुपाया। गृह मंत्रालय ने कहा — नज़दीकी सुरक्षित स्थान पर जाएं, सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखें।
हमद सिटी और मनामा में गाड़ियां जलीं, घरों को नुकसान पहुंचा और एक 11 साल की बच्ची मलबे से घायल हुई। GCC महासचिव जासेम अल-बुदैवी ने इस हमले को "विश्वासघाती" करार दिया।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। MOU के तहत इसे 60 दिनों के लिए टोल-मुक्त खोला गया था — लेकिन ताज़ा हमलों ने उस समझौते को ही संकट में डाल दिया।
UK Maritime Trade Operations ने शनिवार को बताया कि एक और टैंकर क्षतिग्रस्त हुआ — चालक दल सुरक्षित है। करीब 115 व्यापारिक जहाज़ अभी भी होर्मुज़ में फंसे हैं।
🇸🇦 सऊदी अरब
बहरीन पर हमले की कड़ी निंदा। कहा — यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। सभी पक्षों से संयम की अपील।
🇶🇦 कतर
ईरानी हमले की निंदा। अल उदैद एयरबेस अलर्ट पर। बातचीत जारी रखने पर ज़ोर दिया।
🇦🇪 UAE
GCC के साथ मिलकर ईरान के हमलों की निंदा। कूटनीतिक समाधान का आह्वान। अपनी धरती पर हमलों को लेकर सतर्क।
🇴🇲 ओमान
इस बार सार्वजनिक बयान नहीं। ओमान अभी भी ईरान के साथ होर्मुज़ प्रशासन पर बातचीत में — मध्यस्थ की भूमिका जारी।
"ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने उसका पालन किया। अगर उन्हें MOU के लागू होने पर आपत्ति है तो फोन उठाएं — लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।"
विडंबना यह है कि जब बहरीन में सायरन बज रहे थे, उसी वक्त स्विट्ज़रलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसोर्ट में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल बातचीत की मेज़ पर बैठे थे।
असल सवाल यह है — जब दोनों तरफ से हमले जारी हों, तो वार्ता कैसे आगे बढ़ेगी? ईरान का कहना है अमेरिका ने MOU तोड़ा; अमेरिका का कहना है ईरान ने पहले तोड़ा।
विशेषज्ञों का कहना है — दोनों पक्ष पूरी तरह युद्ध में वापस नहीं जाना चाहते, लेकिन कमज़ोर भी नहीं दिखना चाहते। यह "न पूरी जंग, न पूरी शांति" वाला खतरनाक खेल है।
फिलहाल स्थिति घड़ी की सुई पर टिकी है। हर कुछ घंटों में नई खबरें आ रही हैं। CENTCOM अलर्ट पर है। स्विट्ज़रलैंड में बातचीत जारी रहेगी या रुकेगी — यह आने वाले कुछ घंटों में साफ होगा।
खाड़ी के करोड़ों लोगों के लिए यह सिर्फ सियासत नहीं — यह उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी है। बहरीन में वह 11 साल की बच्ची जो ड्रोन मलबे से घायल हुई, कुवैत का वह एयरपोर्ट वर्कर जो हमले में मारा गया — ये आंकड़े नहीं, इंसान हैं।
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