सोनम वांगचुक के अनशन पर सरकार की चुप्पी: अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल, 'क्या सरकार मौत का इंतज़ार कर रही है?'
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को 12 दिन हो गए हैं। अभिजीत दीपके ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
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मुख्य बिंदु
- सोनम वांगचुक लद्दाख के भविष्य और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर अनशन पर हैं।
- अनशन के 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
- अभिजीत दीपके जैसे सामाजिक कार्यकर्ता सरकार की चुप्पी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
अनशन के 12वें दिन, वांगचुक की सेहत पर चिंता
लद्दाख के इंजीनियर और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, राज्य को छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा और क्षेत्र के भविष्य पर अधिक नियंत्रण की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से अनशन पर हैं। उनकी भूख हड़ताल अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि उनकी सेहत लगातार गिर रही है। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, भूख हड़ताल के सातवें दिन ही उनका वजन 5 किलो से अधिक घट गया था, और अब यह चिंता और भी बढ़ गई है।
अभिजीत दीपके का तीखा सवाल: 'क्या सरकार मौत का इंतज़ार कर रही है?'
जहां एक ओर सोनम वांगचुक अपने अधिकारों के लिए अडिग खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने सरकार के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पांच सीधे सवाल पूछते हुए पूछा है, "क्या सरकार सोनम वांगचुक की मौत का इंतज़ार कर रही है?" दीपके ने सरकार की इस खामोशी को निराशाजनक बताया है और कहा है कि अनशन पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह की उपेक्षा अस्वीकार्य है।
शांत विरोध का बढ़ता स्वर
सोनम वांगचुक का विरोध शांतिपूर्ण है, लेकिन इसका असर दूर-दूर तक महसूस किया जा रहा है। उनकी मांगें केवल लद्दाख के स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि यह एक बड़े पैमाने पर पर्यावरण संरक्षण और विकास के संतुलित मॉडल पर भी सवाल उठाती हैं। वांगचुक का तर्क है कि बाहरी हस्तक्षेप और अनियंत्रित विकास लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है।
सरकार से जवाबदेही की उम्मीद
एक तरफ अनशन पर बैठे व्यक्ति की जान दांव पर लगी है, वहीं दूसरी तरफ सरकार की खामोशी आम लोगों को चिंतित कर रही है। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक समाज के सदस्य सरकार से सोनम वांगचुक की चिंताओं को सुनने और उनसे बातचीत करने की अपील कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार का रुख क्या होगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
इस मामले में आगे की जानकारी के लिए Vews News पर बने रहें।
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