आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने का समय नजदीक आते ही ऑनलाइन स्कैमर्स सक्रिय हो जाते हैं। वे विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। फर्जी ईमेल, SMS, और फोन कॉल के जरिए वे आपकी निजी और वित्तीय जानकारी चुरा सकते हैं। इनसे बचना बेहद जरूरी है।
फर्जी कॉल, ईमेल और SMS: ऐसे पहचानें जाल
साइबर अपराधी खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते हैं। वे आपको झूठे रिफंड का लालच दे सकते हैं या टैक्स भुगतान के लिए डरा सकते हैं। इन संदेशों में अक्सर एक लिंक होता है। इस पर क्लिक करते ही आपकी जानकारी उनके पास पहुंच जाती है।
ध्यान दें, आयकर विभाग कभी भी आपको ईमेल या SMS के जरिए कोई भी गोपनीय जानकारी जैसे PIN, पासवर्ड, या बैंक खाते का विवरण नहीं पूछता। कोई भी सरकारी एजेंसी या बैंक कभी भी ऐसी जानकारी मांगने के लिए फोन या ईमेल का इस्तेमाल नहीं करती। यह एक सीधा लाल झंडा है।
स्कैमर्स के आम हथकंडे
स्कैमर्स अक्सर तात्कालिकता का दबाव बनाते हैं। वे कह सकते हैं कि आपका ITR प्रोसेस नहीं होगा या रिफंड अटक जाएगा। कभी-कभी वे 8वें वेतन आयोग या FASTag के नाम पर भी धोखाधड़ी करते हैं, और उन्हें ITR से जोड़ते हैं। उनका मकसद आपको घबराना और तुरंत कार्रवाई करने पर मजबूर करना होता है।
कई मामलों में, वे एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजते हैं जो बिल्कुल असली आयकर पोर्टल जैसी दिखती है। जैसे ही आप उस पर अपनी लॉगिन डिटेल्स डालते हैं, वह जानकारी स्कैमर्स के पास चली जाती है। ऐसे में आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खुद को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय
संदिग्ध ईमेल और संदेशों से बचें
किसी भी ऐसे ईमेल या SMS पर भरोसा न करें जो आयकर विभाग से आया हुआ लगे लेकिन उसकी भाषा में व्याकरण की गलतियाँ हों या वह किसी अज्ञात ईमेल एड्रेस से भेजा गया हो। आधिकारिक ईमेल हमेशा '@incometax.gov.in' डोमेन से आते हैं। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले यूआरएल को ध्यान से जांचें।
व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें
अपने बैंक खाते का नंबर, ATM PIN, क्रेडिट/डेबिट कार्ड का विवरण, OTP या नेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। आयकर विभाग को इन जानकारियों की आवश्यकता नहीं होती।
केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें
अपने आयकर रिटर्न से संबंधित सभी कार्य केवल आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.incometax.gov.in) पर ही करें। किसी भी अन्य वेबसाइट या पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज न करें।
मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग करें। यदि संभव हो, तो टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय करें। यह आपकी सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है।
तत्काल शिकायत दर्ज करें
यदि आपको किसी भी तरह की धोखाधड़ी का संदेह होता है, तो तुरंत साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। अपने बैंक को भी इसकी सूचना दें।
🗣️ अपनी राय साझा करें!
क्या आपको भी कभी आयकर रिटर्न से जुड़ा कोई संदिग्ध कॉल या मैसेज आया है? आपने उससे कैसे निपटा? अपने अनुभव हमें बताएं।
अधिक विस्तृत समाचार कवरेज के लिए, Vews.in पर विजिट करते रहें।
Comments (0)