ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान परमाणु हथियार छोड़ने पर सहमत, बोले 'उनका खेल खत्म'
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है, भुगतान के दावों को नकारा.
QR Code
Key Highlights
- डोनाल्ड ट्रंप का दावा: ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
- पूर्व राष्ट्रपति ने 300 मिलियन डॉलर के भुगतान के दावों को 'फर्जी' बताया।
- ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा, 'ईरान का खेल खत्म, उन्हें 10 सेंट भी नहीं मिलेगा।'
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और 'बेहद दिलचस्प' दावा किया है। उन्होंने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने इस दावे के साथ ही ईरान को कथित तौर पर 300 मिलियन डॉलर के भुगतान से जुड़े आरोपों को भी सिरे से खारिज किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव जारी है, और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वैश्विक नजर बनी हुई है।
परमाणु हथियारों पर ट्रंप का सख्त रुख
अपने हालिया बयानों में, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर अपनी पुरानी सख्ती को फिर दोहराया। उन्होंने दृढ़ता से कहा, 'ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।' यह बयान उनकी प्रशासन के दौरान अपनाई गई 'अधिकतम दबाव' की नीति का एक प्रतिध्वनि है। ट्रंप प्रशासन ने 2018 में ईरान परमाणु समझौते (JCPOA) से एकतरफा तौर पर खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे। उनके इस नए दावे ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नई चर्चा छेड़ दी है।
वित्तीय भुगतान के दावों पर कड़ा खंडन
पूर्व राष्ट्रपति ने ईरान को 300 मिलियन डॉलर के भुगतान से जुड़े 'फर्जी' दावों को भी जोर देकर नकारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी राशि ईरान को नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, 'ईरान का खेल खत्म हो चुका है। उन्हें 10 सेंट भी नहीं मिलेगा।' यह बयान उनके उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसमें वह ईरान के साथ किसी भी तरह के वित्तीय लेन-देन या रियायत के खिलाफ रहे हैं। उनके अनुसार, उनकी नीतियों ने ईरान को कमजोर किया है और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोका है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की राह
डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से कोई तत्काल पुष्टि या विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है। ईरान ने भी इन दावों पर सीधे तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है। ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका और ईरान के संबंध काफी तनावपूर्ण रहे थे, और उनके हर बयान का गहरा भू-राजनीतिक असर होता है। इन दावों का भविष्य में क्या प्रभाव पड़ता है, यह देखने लायक होगा।
अधिक विस्तृत समाचार कवरेज के लिए, Vews.in पर आते रहें।
This content was created with the assistance of Artificial Intelligence (AI) and is intended for informational purposes only. Accuracy is not guaranteed.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Verified as Web Developer
Founder & Lead Developer of Vews.in Furkan S Khan is a tech-driven entrepreneur and SEO expert specializing in AI-powered journalism. With a strong background in PHP and CodeIgniter 4, he built Vews.in to deliver fast, accurate, and automated global news. He is passionate about merging cutting-edge code with digital storytelling to redefine how the world consumes information.
Related Posts
गाजा में भुखमरी का डर कुछ टला, पर खाद्य संकट अब भी ग...
Verified as Web Developer
ईरान पर हमले टले, US-ईरान वार्ता को मिली नई रफ्तार
Verified as Web Developer
अमेरिका-ईरान तनाव: नागरिक ठिकानों पर धमकियों से मध्य...
Verified as Web Developer
गाजा पर विचारों को लेकर प्रोफेसर महमदानी और उनकी पत्...
Verified as Web Developer
अफ्रीकी संघ की चेतावनी: हूती हमलों से लाल सागर की सम...
Verified as Web Developer
तेलंगाना की मां की मार्मिक गुहार: बेटे को यूएई से वा...
Verified as Web Developer
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
30°C Bahraich
Comments (0)