राहों का हौसला
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: तुम्हारा, हमारा, सहारा | Radeef: है
उठो, बढ़ो, न रुको, ये वक़्त तुम्हारा है,
हर चुनौती को तोड़ो, ये पैगाम हमारा है।
गिरना-उठना तो बस खेल है ज़िंदगी का,
जीतने का जज़्बा ही तो सहारा है।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: दुनिया, सीना, आईना | Radeef: में
क्यों ढूंढे सहारा तू बाहर की दुनिया में,
तेरी शक्ति तो बस है तेरे ही सीना में।
जला दे वो आग जो सोई है अंदर कहीं,
उम्मीद की लौ जलती है तेरे ही आईना में।
Qita — By Furkan S Khan
Kaafiya: बना, जगा, चढ़ा | Radeef: लो
ना सोचो कल का, आज को बेहतर बना लो,
अपने हर लम्हे में एक नया जोश जगा लो।
जो काम आज हो सकता है, उसे कर डालो,
सफलता की सीढ़ी तुम अभी से चढ़ा लो।