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हम और ज़िंदगी
प्रेरणा की लौ: Furkan S Khan की मोटिवेशनल ग़ज़ल
Furkan S Khan की यह ग़ज़ल आपको जीवन के हर संघर्ष में आगे बढ़ने और अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने की प्रेरणा देती है।
Ghazal By Furkan S Khan
हर राह की मुश्किलों से अब चलो, उठो।
नया सवेरा है, तुम भी नए ढलो, उठो।
गिरकर संभलना ही तो जीवन की कला है,
ख़ुद को ज़माने की भट्टी में मलो, उठो।
अंधेरों से डरना नहीं है मर्दानगी,
अपने ही भीतर की आग से जलो, उठो।
हर पल को जियो ऐसे कि मिसाल बनो,
सपनों की उड़ान भरने को चलो, उठो।
Ghazal By Furkan S Khan
जब हौसला हो बुलंद तो साथ दे खुदा सदा।
हर मर्ज़ की मिल ही जाती है दवा सदा।
तूफ़ानों से क्या डरना, ये तो आते-जाते हैं,
बदलती रहती है हर पल ये हवा सदा।
अपनी मेहनत पे रख यकीन, न हो मायूस कभी,
सफलता की मिलती है कोई अदा सदा।
पथरीले रास्तों पे चलते हुए थकना नहीं,
मंज़िल की पुकार आती है सुना सदा।
प्रेरणा की लौ
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: चलो, ढलो, मलो, जलो | Radeef: उठो
हर राह की मुश्किलों से अब चलो, उठो।
नया सवेरा है, तुम भी नए ढलो, उठो।
गिरकर संभलना ही तो जीवन की कला है,
ख़ुद को ज़माने की भट्टी में मलो, उठो।
अंधेरों से डरना नहीं है मर्दानगी,
अपने ही भीतर की आग से जलो, उठो।
हर पल को जियो ऐसे कि मिसाल बनो,
सपनों की उड़ान भरने को चलो, उठो।
Ghazal — By Furkan S Khan
Kaafiya: खुदा, दवा, हवा, अदा | Radeef: सदा
जब हौसला हो बुलंद तो साथ दे खुदा सदा।
हर मर्ज़ की मिल ही जाती है दवा सदा।
तूफ़ानों से क्या डरना, ये तो आते-जाते हैं,
बदलती रहती है हर पल ये हवा सदा।
अपनी मेहनत पे रख यकीन, न हो मायूस कभी,
सफलता की मिलती है कोई अदा सदा।
पथरीले रास्तों पे चलते हुए थकना नहीं,
मंज़िल की पुकार आती है सुना सदा।
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