प्रेरणादायक ग़ज़ल: उड़ान बाकी है - हिम्मत और जीत का संदेश

फ़ुरक़ान एस ख़ान की ग़ज़ल 'उड़ान बाकी है' आपको हर मुश्किल का सामना करने और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का संदेश देती है। यह कविता जीवन में हार न मानने की प्रेरणा देगी।

Saturday, September 12, 2026
AMP 0 0
https://vews.in/hum-aur-zindagi/inspirational-ghazal-udaan-baaki-hai-a-message-of-courage-and-victory
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
प्रेरणादायक ग़ज़ल: उड़ान बाकी है - हिम्मत और जीत का संदेश
“प्रेरणादायक ग़ज़ल: उड़ान बाकी है - हिम्मत और जीत का संदेश”
Favicon
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/inspirational-ghazal-udaan-baaki-hai-a-message-of-courage-and-victory
Date
12 September 2026
Ghazal — By Furkan S Khan
न कर मायूस दिल को तू, अभी तो आस बाकी है। है मुश्किल गर सफ़र तेरा, अभी विश्वास बाकी है। नज़र झुकी है गर तेरी, उठा कर देख तू फिर से, तेरी आँखों में इक जलता हुआ एहसास बाकी है। समझ ले हर डगर को तू, ये मंज़िल है तेरी अपनी, हर एक क़दम में तेरे अब, नया अहसास बाकी है। ज़रा सा हौसला रख तू, ज़रा सी हिम्मतें कर ले, तेरे अंदर वो लड़ने का अभी भी पास बाकी है। न मानूँ मैं कभी हारूँ, न मानूँ मैं कभी डर जाऊँ, के हर इक जीत का मुझमें, अभी अभ्यास बाकी है।
Ghazal — By Furkan S Khan
जो बुझती आस है दिल में, उसे फिर से जलाना है। हर एक मुश्किल से लड़ कर, नया रस्ता बनाना है। न पूछो दर्द क्या मेरा, न पूछो रात कितनी है, जो सूरज डूबा है कल का, उसे फिर से उठाना है। ये दुनिया गर करे बातें, तो करने दो ज़माने को, हमें तो अपनी हिम्मत का, नया परचम लहराना है। अगर गिर भी गए तो क्या, संभल कर फिर खड़े होंगे, हर एक ठोकर को अपनी, हमें सीढ़ी बनाना है। कहाँ तक रोक पाएगी, ये दुनिया अपनी चालों से, हमें तो जीत की अपनी, मशालें अब जलाना है।

मायूस: उदास, निराश। आस: उम्मीद। सफ़र: यात्रा। विश्वास: भरोसा। डगर: रास्ता। अहसास: अनुभव। हौसला: हिम्मत। पास: शक्ति/साधन। अभ्यास: रियाज़, दोहराव।

आस: उम्मीद। मशाल: जलती हुई लकड़ी, प्रतीक। परचम: झंडा। ठोकर: बाधा, रुकावट। चालों: युक्तियों, चालबाजियों।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User