लेंसकार्ट के संस्थापक पियुष बंसल ने 'बिंदी, तिलक पर प्रतिबंध नहीं' कहकर वायरल ग्रूमिंग पॉलिसी पर दी सफाई
लेंसकार्ट के संस्थापक पियुष बंसल ने कंपनी की ग्रूमिंग पॉलिसी पर उठे विवाद पर सफाई दी है, कहा कि बिंदी और तिलक पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
QR Code
मुख्य बातें
- लेंसकार्ट की ग्रूमिंग पॉलिसी को लेकर वायरल हो रही खबरों पर संस्थापक पियुष बंसल ने स्पष्टीकरण दिया है।
- उन्होंने कहा कि कंपनी की पॉलिसी में बिंदी, तिलक या अन्य सांस्कृतिक प्रतीकों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
- बंसल ने किसी भी गलतफहमी या धार्मिक भेदभाव के आरोपों का खंडन किया।
लेंसकार्ट की ग्रूमिंग पॉलिसी पर विवाद: पियुष बंसल ने कही ये बात
हाल ही में सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट की एक कथित ग्रूमिंग पॉलिसी को लेकर काफी चर्चा हुई। कुछ खबरों में दावा किया गया था कि कंपनी के कर्मचारियों को बिंदी और तिलक लगाने से रोका जा रहा है, जबकि हिजाब को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन खबरों ने सोशल मीडिया पर तेजी से तूल पकड़ा और कंपनी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप भी लगाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, लेंसकार्ट के संस्थापक पियुष बंसल ने खुद आगे आकर इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने इन वायरल दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि कंपनी की ग्रूमिंग पॉलिसी में किसी भी तरह से बिंदी, तिलक या किसी अन्य सांस्कृतिक या धार्मिक पहचान को प्रतिबंधित नहीं किया गया है।
'बिंदी, तिलक पर कोई रोक नहीं' - संस्थापक का बयान
पियुष बंसल ने अपनी सफाई में जोर देकर कहा कि कंपनी सभी कर्मचारियों की व्यक्तिगत पहचान और सांस्कृतिक विविधताओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा, "हमारे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि हमारी ग्रूमिंग पॉलिसी किसी भी कर्मचारी को उनकी सांस्कृतिक या धार्मिक पहचान के प्रतीक जैसे बिंदी या तिलक लगाने से नहीं रोकती है।"
बंसल ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी का उद्देश्य एक समावेशी कार्यस्थल बनाना है जहाँ हर कोई सहज महसूस करे। उन्होंने किसी भी प्रकार की गलतफहमी के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि वे इस मामले में उत्पन्न हुई चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
धार्मिक भेदभाव के आरोपों का खंडन
यह विवाद तब और बढ़ गया जब कुछ लोगों ने लेंसकार्ट पर विशेष धार्मिक समुदायों के प्रति पक्षपात करने का आरोप लगाया। हालांकि, पियुष बंसल ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कंपनी किसी भी धर्म या संस्कृति के प्रति भेदभाव की नीति नहीं रखती है। उनका कहना है कि सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार किया जाता है और उनकी व्यक्तिगत मान्यताओं का सम्मान किया जाता है।
यह घटना कॉर्पोरेट जगत में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और समावेशी नीतियों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है। कंपनियाँ अक्सर अपनी नीतियों को लेकर जाँच के दायरे में आती हैं, और यह ज़रूरी है कि वे स्पष्टता और संवेदनशीलता के साथ इन मुद्दों को संबोधित करें।
लेंसकार्ट जैसी बड़ी कंपनियाँ अपने कर्मचारियों और ग्राहकों के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए इस तरह के विवादों को गंभीरता से लेती हैं। संस्थापक के हस्तक्षेप और स्पष्टीकरण से उम्मीद है कि कंपनी के बारे में फैली गलतफहमियां दूर होंगी।
ऐसे ही ताज़ा घटनाक्रमों और विस्तृत खबरों के लिए Vews News पर बने रहें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Verified as Web Developer
Founder & Lead Developer of Vews.in Furkan S Khan is a tech-driven entrepreneur and SEO expert specializing in AI-powered journalism. With a strong background in PHP and CodeIgniter 4, he built Vews.in to deliver fast, accurate, and automated global news. He is passionate about merging cutting-edge code with digital storytelling to redefine how the world consumes information.
Related Posts
Sabir's wife, a victim of lynching, was given a job ...
Verified as Web Developer
कर्नाटक में कांग्रेस की जीत: जाति, प्रभाव, निरंतरता ...
Verified as Web Developer
अरुणाचल में अवैध बस्तियों पर बड़ा प्रहार: 15 मस्जिदो...
Verified as Web Developer
नोएडा के आइवी काउंटी में भीषण आग: सेक्टर 75 के अपार्...
Verified as Web Developer
Security Check
Please complete the captcha to verify you are human.
32°C Bahraich
Comments (0)