हिम्मत मत हार: प्रेरणादायक हिंदी शायरी | Furkan S Khan

Furkan S Khan की यह प्रेरणादायक शायरी आपको जीवन की हर चुनौती का सामना करने और कभी हार न मानने की हिम्मत देगी। अपनी मंज़िल पाएं!

Tuesday, September 1, 2026
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हिम्मत मत हार: प्रेरणादायक हिंदी शायरी | Furkan S Khan
“हिम्मत मत हार: प्रेरणादायक हिंदी शायरी | Furkan S Khan”
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01 September 2026
हिम्मत मत हार: प्रेरणादायक हिंदी शायरी | Furkan S Khan
Shayari
गिरकर उठना, उठकर चलना, यही तो जीवन की पुकार है, जो रुक गया मंज़िल से पहले, उसकी तो बस हार है तूफ़ानों से लड़कर जो आगे बढ़ा, वही तो सिकंदर-ए-संसार है, मुश्किलों से डरना नहीं ऐ दोस्त, जीत का यही तो आधार है
Kaafiya पुकार, हार, संसार, आधार Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
हौसलों की उड़ान भर, क्यों तू ज़मीं पर रुका है, तेरी मंज़िल आसमां में है, क्यों तू अभी झुका है हर चुनौती एक अवसर है, क्यों तू इससे डरा है, उठ, चमक और दिखा दे दुनिया को, तू किस मिट्टी का बना है
Kaafiya रुका, झुका, डरा, बना Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan
Shayari
अंधेरी रात से न डर, सवेरा आने वाला है, हर मुश्किल की घड़ी के बाद, खुशी का पल आने वाला है जो आज तू बिखरा है, कल फिर से संवरने वाला है, विश्वास रख खुद पर ऐ मुसाफ़िर, तेरा वक्त बदलने वाला है
Kaafiya आने, आने, संवरने, बदलने Radeef वाला है
F Poetry ByFurkan S Khan

पुकार: बुलावा, आह्वान मंज़िल: लक्ष्य, गंतव्य सिकंदर-ए-संसार: दुनिया का विजेता (जैसे सिकंदर महान) आधार: नींव, बुनियाद

हौसलों: साहस, हिम्मत ज़मीं: धरती, ज़मीन मंज़िल: लक्ष्य अवसर: मौका मिट्टी का बना है: किस धातु का बना है, कितनी क्षमता रखता है

सवेरा: सुबह घड़ी: समय बिखरा: टूटा हुआ, अस्त-व्यस्त संवरने: सुधरना, संभलना, ठीक होना मुसाफ़िर: यात्री, पथिक वक्त: समय

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Zainab Khatoon
लेखक

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