इश्क़ की गहराइयाँ - दिल को छू लेने वाली नज़्म

फ़ुरक़ान एस ख़ान द्वारा रचित 'इश्क़ की गहराइयाँ' नज़्म पढ़ें। यह प्रेम के रहस्य और उसकी हर धड़कन में मौजूद आवाज़ को बयां करती है।

Wednesday, September 16, 2026
AMP 0 0
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
इश्क़ की गहराइयाँ - दिल को छू लेने वाली नज़्म
“इश्क़ की गहराइयाँ - दिल को छू लेने वाली नज़्म”
Favicon
Vews
https://vews.in/hum-aur-zindagi/ishq-ki-gehraiyan-a-nazm-on-loves-depths
Date
16 September 2026
Nazm — By Furkan S Khan
ये इश्क़ भी क्या अजब एक राज़ है, कभी ख़ामोशी, कभी दिल का साज़ है। हर धड़कन में इसकी ही आवाज़ है, हर लम्हे में इसका ही अंदाज़ है।
Nazm — By Furkan S Khan
मोहब्बत एक लम्बा सफ़र है, कभी फूलों भरा, कभी पत्थरों पर है। ये दिल की हर धड़कन में असर है, हर मुश्किल में तेरा ही तो घर है।
Nazm — By Furkan S Khan
तेरे प्यार का हर पल एक चिराग है, न इसमें कोई शिकवा, न कोई दाग है। ये तो मेरे जीवन का सच्चा सुहाग है, बुझने न देना इसे, ये दिल की आग है।

'इश्क़': प्रेम, मोहब्बत। 'राज़': रहस्य। 'साज़': संगीत, वाद्य यंत्र। 'आवाज़': ध्वनि, पुकार। 'अंदाज़': शैली, ढंग।

'सफ़र': यात्रा। 'असर': प्रभाव। 'घर': आश्रय, ठिकाना।

'चिराग': दीपक, रौशनी। 'शिकवा': शिकायत। 'दाग': धब्बा, कलंक। 'सुहाग': सौभाग्य, वैवाहिक सुख (यहाँ जीवन का सौभाग्य)। 'आग': अग्नि, जुनून।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User