प्रेम का सार: रूहानी बंधन पर एक खूबसूरत क़िता - फुरकान एस खान
फुरकान एस खान द्वारा रचित 'प्रेम का सार' एक मनमोहक क़िता है जो प्रेम के रूहानी और गहरे बंधन को व्यक्त करती है। यह कविता दिल की गहराइयों से निकली भावनाओं को दर्शाती है।
अरमान: इच्छा, ख्वाहिश बेजान: प्राणहीन, शक्तिहीन बंधन: संबंध, जुड़ाव पहचान: परिचय, शिनाख्त
क़दर: सीमा, हद डगर: रास्ता, मार्ग जहाँ: दुनिया, संसार शाम-ओ-सहर: शाम और सुबह, हर पल
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