ज़िंदगी की हकीकत: जीवन का गहरा नज़ारा - Furkan S Khan Shayari

Furkan S Khan की इस ख़ूबसूरत शायरी में ज़िंदगी के हर पहलू, उसके उतार-चढ़ाव और गहरे अर्थ को महसूस करें। जीवन की सच्चाई को बयाँ करती कविता।

Thursday, September 17, 2026
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ज़िंदगी की हकीकत: जीवन का गहरा नज़ारा - Furkan S Khan Shayari
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17 September 2026
ज़िंदगी की हकीकत: जीवन का गहरा नज़ारा - Furkan S Khan Shayari
Shayari — By Furkan S Khan
ज़िंदगी एक दरिया है, जिसका कोई न किनारा है, कभी ख़ुद के दम पर, कभी रब का सहारा है। हर पल एक नया रंग, हर पल नया नज़ारा है, बस यूँ ही कट रही है, अपना ये गुज़ारा है।
Shayari — By Furkan S Khan
ज़िंदगी एक लंबा सफ़र है, हर मोड़ पर एक नई डगर है, क्या खोया, क्या पाया, किसे इसकी खबर है। वक्त के हाथों में सब कुछ, हर पल का गहरा असर है, यूँ ही कटती जाए ज़िंदगी, बस यही मेरी बसर है।

दरिया: नदी, किनारा: तट, रब: ईश्वर, नज़ारा: दृश्य, गुज़ारा: जीवन-यापन।

डगर: राह, रास्ता, खबर: जानकारी, असर: प्रभाव, बसर: गुज़ारा, जीवन-यापन।

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Zainab
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