आत्मा की पुकार: गहन आध्यात्मिक हिन्दी कविता | Furkan S Khan
Furkan S Khan द्वारा रचित यह आध्यात्मिक हिन्दी कविता 'आत्मा की पुकार' आपको आंतरिक शांति और आत्म-खोज की यात्रा पर ले जाती है, जहाँ दिव्य प्रकाश भीतर ही मिलता है।
वीरान: सुनसान, desolate शाश्वत: हमेशा रहने वाला, eternal नूर: प्रकाश, दिव्य चमक, divine light अंतर: भीतर, अंदर, inner बसर: जीवन, existence
ब्रह्मांड: universe राज़: secret असीम: limitless, infinite भ्रम: illusion, delusion माया: illusion, worldly attachments आधार: foundation, base
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