मंजिल की आहट - Confidence Shayari in Hindi

A powerful and inspiring Intezaar Shayari about confidence, self-belief, and the journey toward success by Furkan S Khan.

Sunday, September 20, 2026
AMP 0 1
हम और ज़िंदगी
NEWS CARD
Logo
मंजिल की आहट - Confidence Shayari in Hindi
“मंजिल की आहट - Confidence Shayari in Hindi”
Favicon
Vews
https://vews.in/s/MRQmE0
Date
20 September 2026
मंजिल की आहट - Confidence Shayari in Hindi
Intezaar Shayari — By Furkan S Khan
वक्त की धड़कनें अब मेरी गवाही में है, एक अटूट हौसला मेरी हर एक राह में है। माना कि फासले अभी कुछ और बाकी हैं, पर जीत का यकीन मेरी हर एक निगाह में है। अंधेरी रातों से डरकर रुकना मेरी फितरत नहीं, सवेरे की दस्तक मेरी खुद की पनाह में है। जो गिराते थे मुझे वो अब खामोश बैठे हैं, मेरा बुलंद इरादा मेरी अपनी ही गवाह में है। ख्वाबों के दरिया को पार करने का जुनून है, मेरी कामयाबी मेरी अपनी ही इबादत की राह में है। अभी तो बस आगाज है मेरे इस सफर का, मेरा मुकद्दर अब मेरी अपनी ही निगाह में है। ठोकरों से संभलकर चलना ही तो हुनर है, मंजिल का पता अब मेरी अपनी ही पनाह में है।
Intezaar Shayari — By Furkan S Khan
मैं अपनी ही शक्तियों के एक विश्वास के साथ है, बदलाव की लहर अब मेरे हर एक अहसास के साथ है। माना कि राहें कठिन हैं और वक्त भी कम है, पर मेरी रूह अब मेरे ही एक खास विश्वास के साथ है। मुश्किलों की धूप में भी जलना सीखा है मैंने, ठंडक भरी छांव अब मेरे ही एहसास के साथ है। दूसरों की उंगलियों पर नाचना मेरी आदत नहीं, मेरी अपनी धुन अब मेरे ही विश्वास के साथ है। जो जलते थे कभी वो अब रास्ता छोड़ गए, मेरा कारवां अब मेरे ही बुलंद एहसास के साथ है। मंजिल दूर सही पर कदम मेरे अडिग हैं, मेरा सफर अब मेरे ही पक्के विश्वास के साथ है। आने वाला कल मेरा ही नाम लिखेगा हर जगह, मेरा आने वाला वक्त मेरे ही एहसास के साथ है।

इबादत: प्रार्थना या समर्पण, मुकद्दर: भाग्य, फितरत: स्वभाव, आगाज: शुरुआत

अडिग: जो कभी न हिले, कारवां: काफिला या सफर, रूह: आत्मा, बुलंद: ऊँचा

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

Comments (0)

User