ज़िन्दगी का सफ़र: Furkan S Khan की प्रेरणादायक नज़्म
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई "ज़िन्दगी का सफ़र" नज़्म पढ़ें, जो जीवन की यात्रा और उसके उतार-चढ़ावों का सुंदर वर्णन करती है।
ज़िन्दगी इक सफ़र है, चलती ही जाती हैं,
कभी धूप, कभी छाँव, ये राहें बुलाती हैं।
अनजानी सी मंज़िल, अनजाने से लम्हे,
कुछ यादें हंसाती, कुछ आहें जगाती हैं।
बस चलते रहना है, रुकना नहीं है कहीं।
Kaafiya राहें, आहें
Radeef जाती हैं
F
Poetry ByFurkan S Khan
हर लम्हा इक कहानी, जो अनकही सी है,
गुज़रे हुए ये पल, जैसे कोई हल सी है।
आज जो हसीन है, वो कल क्या होगा,
हर आने वाला कल, इक नया फल सी है।
पर आज में जीना है, यही तो जीने की रीत है।
Kaafiya पल, कल
Radeef बीते हैं
F
Poetry ByFurkan S Khan
ज़िन्दगी का सफ़र
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: राहें, आहें | Radeef: जाती हैं
ज़िन्दगी इक सफ़र है, चलती ही जाती हैं,
कभी धूप, कभी छाँव, ये राहें बुलाती हैं।
अनजानी सी मंज़िल, अनजाने से लम्हे,
कुछ यादें हंसाती, कुछ आहें जगाती हैं।
बस चलते रहना है, रुकना नहीं है कहीं।
Nazm — By Furkan S Khan
Kaafiya: पल, कल | Radeef: बीते हैं
हर लम्हा इक कहानी, जो अनकही सी है,
गुज़रे हुए ये पल, जैसे कोई हल सी है।
आज जो हसीन है, वो कल क्या होगा,
हर आने वाला कल, इक नया फल सी है।
पर आज में जीना है, यही तो जीने की रीत है।
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