Article ट्रेंडिंग AI Generated

काजीरंगा गलियारों पर चार साल बाद भी निष्क्रिय असम, वन्यजीवों के लिए खतरा बरकरार

सर्वोच्च न्यायालय पैनल की सिफारिशों के चार साल बाद भी असम सरकार काजीरंगा के वन्यजीव गलियारों को सुरक्षित करने में विफल रही है, जिससे पार्क के प्राणियों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।

Saturday, August 22, 2026
AMP 0 0
ट्रेंडिंग
NEWS CARD
Logo
काजीरंगा गलियारों पर चार साल बाद भी निष्क्रिय असम, वन्यजीवों के लिए खतरा बरकरार
“काजीरंगा गलियारों पर चार साल बाद भी निष्क्रिय असम, वन्यजीवों के लिए खतरा बरकरार”
Favicon
Vews
https://vews.in/s/FsOBr
Date
22 August 2026
काजीरंगा गलियारों पर चार साल बाद भी निष्क्रिय असम, वन्यजीवों के लिए खतरा बरकरार

Key Highlights

  • सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) ने 2019 में काजीरंगा वन्यजीव गलियारों की सुरक्षा पर अहम सिफारिशें की थीं।
  • इन सिफारिशों पर चार साल बीत जाने के बाद भी असम सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।
  • गलियारों की निष्क्रियता से काजीरंगा के वन्यजीवों, विशेषकर बाघों और हाथियों, के लिए खतरा लगातार बना हुआ है।

चार साल बाद भी निष्क्रिय असम, काजीरंगा के वन्यजीवों पर गहराता संकट

भारत के प्रतिष्ठित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीव गलियारों को सुरक्षित करने की दिशा में असम सरकार की निष्क्रियता एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) ने 2019 में इन महत्वपूर्ण गलियारों को बचाने के लिए विस्तृत सिफारिशें प्रस्तुत की थीं। चार साल बीत चुके हैं। राज्य सरकार की ओर से उन पर कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही। यह स्थिति काजीरंगा के समृद्ध वन्यजीवों, जिनमें एक-सींग वाले गैंडे, बाघ और हाथी शामिल हैं, के लिए लगातार खतरा पैदा कर रही है।

Frequently Asked Questions

ये वे प्राकृतिक रास्ते हैं जिनका उपयोग जानवर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और आसपास की पहाड़ियों के बीच आवाजाही के लिए करते हैं, खासकर बाढ़ के दौरान सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने के लिए।

पैनल ने विशेष रूप से नेशनल हाईवे 37 पर वन्यजीवों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने, गलियारों में अतिक्रमण हटाने और सभी अवैध निर्माणों पर रोक लगाने की सिफारिश की थी।

सुरक्षित गलियारों के अभाव में जानवर अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं, उनके प्राकृतिक आवास खंडित होते हैं और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता है, जिससे उनकी आबादी को खतरा होता है।
AI Assisted

This content was generated with the help of artificial intelligence.

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Zainab
लेखक

The world’s news & beautiful Shayari, brought to you by AI. Powered by vews.in.

Comments (0)

User