PM केयर्स फंड: किसके 'हित' में काम करता है येcorpus?
PM केयर्स फंड की पारदर्शिता पर सवाल। ये जन-धन से बना कोष आखिर किसके हित साधता है, ये एक तीखा सवाल है।
मुख्य बिंदु
- PM केयर्स फंड की स्थापना COVID-19 महामारी के लिए की गई थी।
- इस फंड की पारदर्शिता और जवाबदेही पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
- जनता के पैसे से बने इस कोष के लाभार्थियों पर बहस जारी है।
जनता की गाढ़ी कमाई, किसके 'हित' में?
कोरोना की आहट के साथ ही केंद्र सरकार ने एक नए फंड का गठन किया - प्राइम मिनिस्टर सिटीजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन्स फंड, जिसे हम PM केयर्स के नाम से जानते हैं। इसे आपातकालीन स्थितियों, खासकर महामारी से निपटने के लिए बनाया गया। बड़े-बड़े दावे हुए, सरकारी अमला, सेलिब्रिटीज, और आम जनता ने खुलकर दान दिया। चंद दिनों में ही हज़ारों करोड़ रुपये जमा हो गए। सवाल ये उठता है कि ये अथाह धनराशि आखिर किसके 'हित' में काम आ रही है? यह सवाल आज सिर्फ़ कुछ चुनिंदा आवाज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि आम जनमानस में भी कौंध रहा है।
Frequently Asked Questions
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