आत्मा का स्पंदन: आध्यात्मिक नज़्म
Furkan S Khan द्वारा लिखी गई 'आत्मा का स्पंदन' नामक एक मार्मिक आध्यात्मिक नज़्म, जो जीवन के गहरे रहस्यों और आत्मा की खोज पर प्रकाश डालती है।
स्पंदन: धड़कन, कंपन। अनंत: जिसका कोई अंत न हो। रूह: आत्मा। खुदा: ईश्वर। फ़साना: कहानी, किस्सा। समाना: समाहित होना, मिल जाना।
अनजानी: अपरिचित। दुआ: प्रार्थना। गिला: शिकायत। ज़िक्र-ए-ज़िंदगी: जीवन का वर्णन/चर्चा। अदृश्य: जो दिखाई न दे।
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