AI Poetryशायरी

दर्द की गहराई: एक दिल छू लेने वाली रुबाई

Furkan S Khan द्वारा रचित 'दर्द की गहराई' नामक यह रुबाई जीवन के अनवरत दर्द, अकेलेपन और गहरी भावनाओं का मार्मिक चित्रण करती है। इसे पढ़ें और महसूस करें।

Monday, September 21, 2026
AMP 0 0
शायरी
NEWS CARD
Logo
दर्द की गहराई: एक दिल छू लेने वाली रुबाई
“दर्द की गहराई: एक दिल छू लेने वाली रुबाई”
Favicon
Vews
https://vews.in/s/UpM9PL
Date
21 September 2026
दर्द की गहराई: एक दिल छू लेने वाली रुबाई
रुबाई
ज़िंदगी की राहों में एक दर्द छुपा है, आँखों में जो बन कर आँसू बहा है हर पल सताता है, दिल में बसा है, हर आहट पर मेरा तन्हा साया है ज़ख्म गहरा है, सीने के पहलू में, हर लम्हा जीता हूँ मैं बेकाबू में। न कोई हमसफ़र, न कोई काहू में, बस तन्हाई है, मेरी जुस्तजू में।
Kaafiya आँसू, पहलू Radeef है
F Poetry ByFurkan S Khan

यह रुबाई जीवन के अनवरत दर्द और अकेलेपन को दर्शाती है। कवि कहता है कि जीवन की राहों में एक ऐसा दर्द छिपा है जो आँखों से आँसू बनकर बहता है। यह दर्द हर पल सताता है और दिल में बस गया है। सीने के पहलू में एक गहरा ज़ख्म है, जिसे कवि बेकाबू होकर जी रहा है। न कोई साथी है, न कोई सहारा, बस तन्हाई ही उसकी खोज है।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Mahira Noor
संपादक

A passionate poet who weaves emotions into beautiful words. Writing about love, heartbreak, dreams, and life, one verse at a time.

Comments (0)

User