नासिर-जुनैद हत्याकांड: मोनू मानेसर को मिली जमानत, ढाई साल बाद गांव लौटा तो हुआ 'भव्य' स्वागत; बुलेटप्रूफ जैकेट में दिखा
मोनू मानेसर को नासिर-जुनैद हत्याकांड में मिली जमानत, ढाई साल बाद जेल से रिहा होकर गांव लौटे तो जोरदार स्वागत हुआ। पुलिस ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाई थी।
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नासिर-जुनैद हत्याकांड: मोनू मानेसर को मिली जमानत, ढाई साल बाद गांव लौटा तो हुआ 'भव्य' स्वागत
चर्चित नासिर-जुनैद हत्याकांड में आरोपी मोनू मानेसर को जमानत मिलने के बाद लगभग ढाई साल के लंबे अंतराल के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से बाहर आते ही मोनू मानेसर का उनके पैतृक गांव मानेसर में जोरदार और भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा कारणों से उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर बाहर निकाला, जिसके बाद वे अपने गांव के लिए रवाना हुए।
ढाई साल बाद रिहा हुए मोनू मानेसर, गांव में समर्थकों ने किया भव्य अभिनंदन
गुरुग्राम जेल से बाहर आने के बाद मोनू मानेसर का स्वागत करने के लिए उनके सैकड़ों समर्थक जमा थे। जैसे ही वह जेल से बाहर आए, समर्थकों ने फूलमालाओं से लाद दिया और जमकर जयकारे लगाए। डीजे पर बजते गानों और आतिशबाजी के बीच मोनू मानेसर को एक खुली जीप में बैठाकर गांव में विजय जुलूस की तरह ले जाया गया। गांव के लोगों ने उनका 'नायक' जैसा स्वागत किया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। यह नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था, जहाँ समर्थक उनके समर्थन में नारे लगा रहे थे।
क्या है नासिर-जुनैद हत्याकांड?
मोनू मानेसर को राजस्थान पुलिस ने नासिर और जुनैद की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। फरवरी 2023 में हरियाणा के भिवानी जिले में एक जली हुई बोलेरो से दो नरकंकाल मिले थे। बाद में इनकी पहचान राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले नासिर और जुनैद के रूप में हुई। उनके परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि बजरंग दल से जुड़े गौरक्षक मोनू मानेसर और उसके साथियों ने दोनों का अपहरण कर हत्या कर दी थी। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था और मोनू मानेसर की गिरफ्तारी को लेकर काफी हंगामा हुआ था।
सुरक्षा के बीच हुई रिहाई
मोनू मानेसर को अदालत से जमानत मिलने के बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा। उन्हें जेल से बाहर लाते समय बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाई गई थी, जो उनकी जान को कथित खतरों के मद्देनजर एक एहतियाती कदम था। रिहाई के बाद मोनू सीधे अपने गांव के लिए रवाना हुए, जहां पहले से ही उनके समर्थकों का हुजूम जुटा हुआ था। इस दौरान पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया हुआ था।
फिलहाल मोनू मानेसर को जमानत मिल गई है, लेकिन नासिर-जुनैद हत्याकांड से जुड़ा मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है। उनकी रिहाई ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर बहस छेड़ दी है, जहाँ एक ओर उनके समर्थक खुशी मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ितों के परिवार अभी भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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