भारत की आधी गेमर महिलाएं, फिर भी ईस्पोर्ट्स उन्हें 'मेहमान' क्यों मानता है?

भारत के गेमिंग समुदाय में आधी महिलाएं हैं, लेकिन ईस्पोर्ट्स पेशेवर क्षेत्र में उनकी भूमिका अभी भी सीमित क्यों है? यह रिपोर्ट इस असमानता को उजागर करती है।

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Friday, June 5, 2026
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05 June 2026
भारत की आधी गेमर महिलाएं, फिर भी ईस्पोर्ट्स उन्हें 'मेहमान' क्यों मानता है?
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Key Highlights

  • भारत के गेमिंग परिदृश्य में आधी भागीदारी महिलाओं की।
  • फिर भी, पेशेवर ईस्पोर्ट्स में उनकी उपस्थिति नगण्य।
  • लैंगिक असमानता, रूढ़िवादिता और ऑनलाइन उत्पीड़न बड़ी चुनौती।

भारत के गेमिंग सेक्टर में एक अजीबोगरीब विरोधाभास सामने आया है। एक तरफ, देश के कुल गेमर्स में से लगभग आधे महिलाएं हैं। ये आंकड़े गेमिंग की दुनिया में उनकी व्यापक रुचि और सक्रियता दिखाते हैं। दूसरी तरफ, पेशेवर ईस्पोर्ट्स (Esports) के मंचों पर उन्हें आज भी 'मेहमान' या शायद 'अदृश्य' की तरह देखा जाता है। यह विसंगति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक गहरी सामाजिक और उद्योग-संबंधी समस्या को उजागर करती है।

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