ईरान में बहाइयों पर शिकंजा कसा: सुरक्षा कार्रवाई के बीच तेज हुईं गिरफ्तारियां
ईरान में सुरक्षा बलों ने बहाई समुदाय के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे दर्जनों सदस्यों की गिरफ्तारियां हुई हैं।
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Key Highlights
- ईरान में बहाई समुदाय के सदस्यों की गिरफ्तारियों में अचानक वृद्धि देखी गई है।
- यह कार्रवाई देश भर में चल रहे बड़े सुरक्षा अभियान का हिस्सा है।
- मानवाधिकार संगठनों ने इन गिरफ्तारियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, जिन्हें धार्मिक उत्पीड़न से जोड़ा जा रहा है।
तेहरान से मिल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में बहाई समुदाय के खिलाफ सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है। देश में चल रही व्यापक सुरक्षा कार्रवाई के बीच, इस धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के दर्जनों सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब ईरानी अधिकारी असहमति और विरोध पर नकेल कसने में जुटे हैं, जिससे मानवाधिकारों की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बहाइयों पर लगातार बढ़ता दबाव
हाल के हफ्तों में, देश के विभिन्न हिस्सों से बहाई समुदाय के लोगों की गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा बलों ने अक्सर बिना किसी स्पष्ट आरोप के उनके घरों पर छापेमारी की और उन्हें हिरासत में ले लिया। बहाई अंतर्राष्ट्रीय समुदाय (BIC) ने इन गिरफ्तारियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, इसे ईरान के बहाइयों के खिलाफ व्यवस्थित उत्पीड़न का एक और उदाहरण बताया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में युवा, बुजुर्ग और सामुदायिक नेता शामिल हैं, जिससे इस अल्पसंख्यक समूह में डर और अनिश्चितता का माहौल है।
इतिहास में छिपा उत्पीड़न
बहाई धर्म की जड़ें स्वयं ईरान में हैं, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से इस समुदाय को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। ईरानी अधिकारी बहाइयों को 'धर्मभ्रष्ट' मानते हैं और उन्हें समान नागरिक अधिकारों से वंचित करते हैं। उन्हें शिक्षा, रोजगार और संपत्ति के अधिकार जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित किया जाता है। कई बहाइयों को झूठे आरोपों में जेल हुई है, और उनकी संपत्ति जब्त की गई है। यह नवीनतम कार्रवाई केवल उसी लंबी चली आ रही नीति का एक विस्तार प्रतीत होती है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं
इन गिरफ्तारियों ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और विभिन्न सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे संगठनों ने बार-बार ईरान से बहाइयों के खिलाफ भेदभाव और उत्पीड़न समाप्त करने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि ये गिरफ्तारियां धार्मिक स्वतंत्रता के अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं। ईरान सरकार अक्सर इन गिरफ्तारियों को 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जोड़ती है, लेकिन आलोचक इसे धार्मिक अल्पसंख्यकों को दबाने का एक बहाना मानते हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे के घटनाक्रम पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं।
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