अब्दुल रहीम 2026 में होंगे रिहा: 20 साल बाद सऊदी जेल से आजादी की खौफनाक कहानी
केरल के अब्दुल रहीम को 2026 में रियाद जेल से रिहा किया जाएगा। 19 साल बाद, ब्लड मनी के रूप में 15 मिलियन रियाल स्वीकार होने के बाद उनकी फांसी की सजा रद्द की गई। पूरी खबर पढ़ें।
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केरल के कोझिकोड के रहने वाले अब्दुल रहीम पिछले 19 सालों से सऊदी अरब की रियाद जेल में बंद थे। एक सऊदी लड़के की हत्या के मामले में उन पर दोष सिद्ध हुआ था, जिसके लिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। लेकिन हाल ही में, पीड़ित परिवार द्वारा 15 मिलियन सऊदी रियाल (लगभग 33 करोड़ रुपये) की ब्लड मनी स्वीकार करने के बाद उनकी फांसी की सजा रद्द कर दी गई। रियाद क्रिमिनल कोर्ट के ताजा फैसले के अनुसार, अब्दुल रहीम को 20 साल की सजा पूरी करने के बाद 2026 में रिहा किया जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि
अब्दुल रहीम, जो मूल रूप से केरल के एक साधारण परिवार से हैं, 2006 में सऊदी अरब में काम करने गए थे। वह एक ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। उसी दौरान, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक सऊदी लड़के की मृत्यु हो गई, जिसके लिए अब्दुल रहीम को दोषी ठहराया गया। सऊदी अरब के कानून के तहत, हत्या के मामले में दोषी को फांसी की सजा दी जा सकती है, लेकिन इस्लामी कानून (शरिया) के अनुसार, पीड़ित परिवार के पास ब्लड मनी (दिया) स्वीकार करके सजा माफ करने का अधिकार होता है।
पिछले 19 सालों में, अब्दुल रहीम के परिवार और समुदाय ने उनकी रिहाई के लिए अथक प्रयास किए। केरल में कई संगठनों और व्यक्तियों ने ब्लड मनी की राशि जुटाने के लिए धन संग्रह अभियान चलाया।
ब्लड मनी और सजा में बदलाव
सऊदी अरब में ब्लड मनी एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान है, जो पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में राशि स्वीकार करने की अनुमति देता है। अब्दुल रहीम के मामले में, पीड़ित परिवार ने 15 मिलियन SAR की मांग की थी। इस राशि को जुटाने के लिए केरल और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय समुदाय ने एकजुट होकर योगदान दिया। 9 महीने पहले, जब यह राशि पीड़ित परिवार को सौंपी गई, तब उनकी फांसी की सजा को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया गया।
रियाद क्रिमिनल कोर्ट ने अब अब्दुल रहीम को 20 साल की सजा सुनाई, जिसमें से उन्होंने पहले ही 19 साल पूरे कर लिए हैं। इसका मतलब है कि वह अगले एक साल में, अर्थात् 2026 में, जेल से रिहा हो जाएंगे।
रिहाई का महत्व और भविष्य
अब्दुल रहीम की रिहाई न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे केरल और भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। यह मामला सऊदी अरब के कानूनी ढांचे और ब्लड मनी की प्रथा को भी उजागर करता है। साथ ही, यह दर्शाता है कि सामुदायिक एकजुटता और मानवीय प्रयास कितने प्रभावशाली हो सकते हैं।
रिहाई के बाद, अब्दुल रहीम अपने परिवार के साथ केरल लौटने की उम्मीद कर रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वह एक सामान्य जीवन जीने की कोशिश करेंगे, हालांकि 19 साल जेल में बिताने के बाद समाज में पुनर्स्थापन एक चुनौती हो सकता है।
अब्दुल रहीम की कहानी दृढ़ता, सामुदायिक समर्थन, और न्याय की एक मिसाल है। 20 साल की लंबी सजा के बाद, उनकी रिहाई की खबर न केवल उनके परिवार, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो मानवाधिकारों और न्याय के लिए लड़ते हैं। हम आशा करते हैं कि अब्दुल रहीम जल्द ही अपने परिवार के साथ एक नया जीवन शुरू करेंगे।
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