विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन में रहना अपराध नहीं: हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं है, भले ही यह अनैतिक माना जाए।

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Friday, March 27, 2026
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विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन में रहना अपराध नहीं: हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
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27 March 2026
विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन में रहना अपराध नहीं: हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
AI generated image via Pexels - Topic: विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन में रहना अपराध नहीं: हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

Key Highlights

  • उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि विवाहित पुरुष का सहमति से लिव-इन संबंध में रहना कोई अपराध नहीं है।
  • न्यायालय ने इसे नैतिक रूप से गलत मानते हुए भी कानूनी रूप से दंडनीय अपराध की श्रेणी से बाहर रखा।
  • यह फैसला व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और भारतीय दंड संहिता के दायरे पर प्रकाश डालता है।

न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय

एक महत्वपूर्ण फैसले में, उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक विवाहित पुरुष का किसी अन्य महिला के साथ सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहना किसी भी कानून के तहत अपराध नहीं है। यह निर्णय ऐसे संबंधों को आपराधिक कृत्यों की सूची से बाहर करता है, भले ही समाज की नजर में इन्हें अनैतिक माना जा सकता हो।

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