शोबिज से सजदे तक — सहर अफशां की तौबा की कहानी

सबसे पहले तो मैं यू कहूंगा इस मरहले में सबसे पहली कड़ी दंगल गर्ल जायरा वसीम रहीं हैं उसके बाद सना खान और इन दोनों के बाद कहीं न कहीं एक अच्छा पॉजिटिव संदेश फ़िल्म इंडस्ट्री व दीगर फ़हशी इंडस्ट्रीज से जुड़ी महिलाओं में गया कि अगर वो वापिस आना चाहती हैं तो ज़्यादा मुश्किल नही है बल्कि लोग आपका स्वागत करने को तैयार हैं,

Thursday, February 2, 2023
5 months ago
AMP 0 6
धर्म
NEWS CARD
Logo
शोबिज से सजदे तक — सहर अफशां की तौबा की कहानी
“शोबिज से सजदे तक — सहर अफशां की तौबा की कहानी”
Favicon
Vews
https://vews.in/Irfan-Raaz-Hadi-on-Sahar-Afsha-leaving-the-film-industry-said
Date
02 February 2023
शोबिज से सजदे तक — सहर अफशां की तौबा की कहानी
Social Media Activist ' Irfan Raaz Hadi'

मैं देख रहा हूँ कई सारे लोग सहर अफशां (Sahar Afsha) द्वारा फ़िल्म इंडस्ट्री छोड़ अल्लाह की तरफ रुजू करने पर ऐतरजात के पुल बांधे जा रहे हैं, जैसा कि वो कह रहे पहले अय्याशी कर के अब हज को चलीं हैं, व साथ साथ फैशन ट्रेंड के नाम कई तरह की अपवाद बातें बनाई व बताई जा रही है, सबसे पहले तो मैं यू कहूंगा इस मरहले में सबसे पहली कड़ी दंगल गर्ल जायरा वसीम रहीं हैं उसके बाद सना खान और इन दोनों के बाद कहीं न कहीं एक अच्छा पॉजिटिव संदेश फ़िल्म इंडस्ट्री व दीगर फ़हशी इंडस्ट्रीज से जुड़ी महिलाओं में गया कि अगर वो वापिस आना चाहती हैं तो ज़्यादा मुश्किल नही है बल्कि लोग आपका स्वागत करने को तैयार हैं, और आप वापिस से एक बेहतर व इज़्ज़त योग्य ज़िन्दगी गुज़ार सकतीं हैं, वहीं दूसरी तरफ ये संदेश भी गया की इस तरह की इंडस्ट्रीज से जुड़ी महिलाएं गौर व फिक्र करें कि व गुनाहों के दलदल में किस हद तक मुब्तिला हैं ।

Follow us:

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Imran Ghazi is an vews.in Journalist who reports on Hate crimes against minorities in India . He is also a freelance contributer for digital media , apart of this , he is a social media Activist , Content Writer and contributing as Fact Finder for different news website too . As a social activist he is working for Right to Education For Women , helpless Children and backward community . He also raise the voice of minorities on Education and Employment .

Comments (0)

User