शिक्षाप्रद कहानी

मोर और कोयलएक जंगल में एक मोर और एक कोयल रहते थे। मोर अपनी रंग-बिरंगी पंखों की सुंदरता पर बहुत गर्व करता था। वह हर दिन अपनी पूंछ फैलाकर नाचता और सबको अपनी खूबसूरती दिखाता। दूसरी ओर, कोयल अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाती थी

Kawal Hasan
Kawal Hasan
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Wednesday, June 4, 2025
10 months ago
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उत्तर प्रदेश
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शिक्षाप्रद कहानी
“शिक्षाप्रद कहानी”
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04 June 2025
शिक्षाप्रद कहानी

मोर और कोयलएक जंगल में एक मोर और एक कोयल रहते थे। मोर अपनी रंग-बिरंगी पंखों की सुंदरता पर बहुत गर्व करता था। वह हर दिन अपनी पूंछ फैलाकर नाचता और सबको अपनी खूबसूरती दिखाता। दूसरी ओर, कोयल अपनी मधुर आवाज के लिए जानी जाती थी, लेकिन उसका रूप सादा था।एक दिन मोर ने कोयल का मजाक उड़ाते हुए कहा, "कोयल, तुम्हारी आवाज तो ठीक है, लेकिन तुम्हारी सादगी देखकर कोई प्रभावित नहीं होता। मेरे रंग-बिरंगे पंखों के सामने तुम कुछ भी नहीं!"कोयल ने शांति से जवाब दिया, "मोर भाई, सुंदरता बाहर से ज्यादा भीतर से मायने रखती है। मेरी आवाज जंगल में शांति और आनंद लाती है।"मोर हंसा और चला गया। कुछ दिन बाद, जंगल में एक बड़ा मेला लगा। सभी पक्षी अपनी-अपनी कला दिखाने आए। मोर ने अपनी पूंछ फैलाकर शानदार नृत्य किया। सभी ने तालियां बजाईं। लेकिन जब कोयल ने अपनी मधुर आवाज में गाना शुरू किया, तो सारा जंगल शांत हो गया। उसकी आवाज इतनी सुरीली थी कि सभी मंत्रमुग्ध हो गए।मेले के अंत में, जब सबसे प्रिय पक्षी चुनने की बारी आई, तो जंगल के राजा शेर ने कहा, "मोर की सुंदरता आंखों को भाती है, लेकिन कोयल की आवाज दिल को छूती है। सच्ची प्रतिभा वही है जो दूसरों को सुख और शांति दे।

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