लक्कड़ शाह बाबा के मज़ार के क्या अब 122 साल पुराने ब्रिटिश कालीन आधिकारिक दस्तावेज़ भी अवैध माने जाएंगे?

आज दोपहर एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आती है कि कतर्नियाघाट के घने जंगलों के बीच स्थित लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह को रातों-रात ज़मीनदोज़ कर दिया गया। यह वही जगह है जिसका ज़िक्र 1903 के ज़िला गज़ेटियर में मिलता है।

Dr. Faizul Hasan
Dr. Faizul Hasan Official | Verified Expert • 30 May, 2025 मुख्य संपादक
जून 9, 2025 • 10:50 PM | बहराईच  45  0
Last Edited By: Vews (8 महीने पहले)
https://vews.in/s/xhCLM2
कॉपी हो गया
लक्कड़ शाह बाबा के मज़ार के क्या अब 122 साल पुराने ब्रिटिश कालीन आधिकारिक दस्तावेज़ भी अवैध माने जाएंगे?
लक्कड़ शाह बाबा के मज़ार के क्या अब 122 साल पुराने ब्रिटिश कालीन आधिकारिक दस्तावेज़ भी अवैध माने जाएंगे?

122 साल पुराना सच और एक रात में बुलडोज़र!

आज दोपहर एक ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आती है कि कतर्नियाघाट के घने जंगलों के बीच स्थित लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह को रातों-रात ज़मीनदोज़ कर दिया गया। यह वही जगह है जिसका ज़िक्र 1903 के ज़िला गज़ेटियर में मिलता है। उसमें लक्कड़ शाह के सालाना मेले और उसमें शामिल होने वाले करीब 1000 श्रद्धालुओं का भी उल्लेख है।

क्या अब 122 साल पुराने ब्रिटिश कालीन आधिकारिक दस्तावेज़ भी अवैध माने जाएंगे?

 इतिहास गवाह है कि यह स्थान केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं बल्कि सांझी विरासत की मिसाल रहा है। 30 मई 2025 को अमर उजाला की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक़, बाबा लक्कड़ शाह का इतिहास सिख धर्म के प्रवर्तक श्री गुरु नानक देव जी से जुड़ा हुआ है।

बाबा लक्कड़ शाह का संक्षिप्त इतिहास:

Vews पर Guest Post लिखें!

अपने विचार Vews.in पर Guest Post के रूप में लिखें और अपनी आवाज़ पहुँचाएं!

यहां लिखें

बाबा लक्कड़ शाह का असली नाम सैयद शाह हुसैन था। उन्हें "लक्कड़ फकीर" भी कहा जाता है। कहा जाता है कि वह एक फूस की झोपड़ी में ध्यानमग्न रहते थे और परमात्मा से संवाद करते थे। एक दिन उन्होंने गुरु नानक देव से प्रार्थना की, "हे वली पीर नानका, मुझे रौशनी दिखाइए।" गुरु नानक ने कहा, "अपनी बंद आंखें खोलो।" जब उन्होंने आंखें खोलीं, तो उन्हें फिर से दृष्टि मिल गई। गुरु नानक ने तब कहा, "तप में तुम्हारा शरीर लकड़ी-सा हो गया है। आने वाले समय में तुम लक्कड़ शाह के नाम से जाने जाओगे।"

1610 ईस्वी (1010 हिजरी) में उनके निधन के बाद यहां मेला लगना शुरू हुआ। यही नहीं, इस स्थल के पास एक गुरुद्वारा भी स्थित है जिसे "गुरुमल टेकरी" कहा जाता है यह स्थान हिंदू, सिख और मुस्लिम आस्थाओं का संगम रहा है। 

📜 इतिहास मिटाया नहीं जा सकता।

ज़मीन पर बुलडोज़र चला कर 122 साल पुरानी हकीकत को ख़त्म नहीं किया जा सकता। 🎥 लक्कड़ शाह बाबा की दरगाह पर देखें यह वीडियो https://youtu.be/fsl1uXTZJug?si=LtWuPIppGUc5wAGf 📰 स्रोत: अमर उजाला की रिपोर्ट पढ़ें https://www.amarujala.com/lucknow/ban-imposed-on-lakkad-shah-baba-s-annual-urs-in-bahraich-police-force-deployed-to-stop-people-2025-05-30?fbclid=IwY2xjawKz9C5leHRuA2FlbQIxMQABHjihxZqd6sSFdoGKBc-G_XpQ-HSwpKh6NTXCWOVdd5lgaQ9vgdx0XKaUGpwo_aem_GqNTGT2WFIE_FSaYh5FbgQ #LakkadShah #HeritageUnderBulldozer #Bahraich #Katarniaghat #HistoryMatters #SaveOurHeritage #UnityInDiversity

Profile
Verified Dr. Faizul Hasan

Dr. Faizul Hasan Official | Verified Expert • 30 May, 2025 मुख्य संपादक

About Me

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

वोट करें

Video
Top Stories मेनू