OIC ने गाज़ा में इज़राइली हमले की कड़ी निंदा की, अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने गाज़ा पट्टी में इज़राइली हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। पूरा विश्लेषण पढ़ें।
जेद्दा, 01 फरवरी 2026: Organization of Islamic Cooperation (OIC) ने गाज़ा पट्टी में इज़राइली हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे निर्दोष नागरिकों के खिलाफ एक गंभीर अपराध बताया है। संगठन ने कहा कि हालिया बमबारी में दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं, जो युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन है।
गाज़ा में बढ़ती हिंसा पर OIC की तीखी प्रतिक्रिया
OIC द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि गाज़ा पट्टी के विभिन्न इलाकों में की गई बमबारी के कारण कम से कम 31 लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों आम नागरिक घायल हुए हैं। संगठन ने इस हिंसा को न केवल अमानवीय बताया बल्कि इसे क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
बयान में कहा गया कि यह हमला उस समय हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत युद्धविराम को स्थिर करने और समझौते के दूसरे चरण को लागू करने की कोशिशें चल रही थीं। OIC के अनुसार, इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई शांति प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास है।
#OIC strongly condemns the #Israeli_Occupation massacre in #Gaza Strip and calls for urgent international intervention pic.twitter.com/neudcZUXDY — OIC (@OIC_OCI) February 1, 2026
इज़राइल को ठहराया गया पूरी तरह जिम्मेदार
इस्लामिक सहयोग संगठन ने इज़राइल को एक “कब्ज़ा करने वाली शक्ति” बताते हुए कहा कि गाज़ा में हो रही हिंसा और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी उसी की है। OIC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से, विशेष रूप से United Nations Security Council से आग्रह किया कि वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाए और इज़राइल को उसके अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करने के लिए बाध्य करे।
संगठन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 का हवाला देते हुए कहा कि युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए।
मानवीय सहायता और सीमा चौकियों को खोलने की मांग
OIC ने गाज़ा में सभी सीमा चौकियों को तुरंत खोलने और बिना किसी बाधा के मानवीय सहायता पहुंचाने पर ज़ोर दिया। संगठन ने कहा कि चिकित्सा सहायता, खाद्य सामग्री और बुनियादी सुविधाओं की गाज़ा में गंभीर कमी है, जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही OIC ने इज़राइली सेनाओं की वापसी, गाज़ा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने और शुरुआती स्तर पर पुनर्बहाली (early recovery) की आवश्यकता पर भी बल दिया।
दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में राजनीतिक प्रक्रिया की अपील
अपने बयान के अंत में इस्लामिक सहयोग संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक व्यापक राजनीतिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की अपील की, जिसका उद्देश्य इज़राइली कब्ज़े को समाप्त करना और दो-राष्ट्र समाधान को लागू करना है।
OIC के अनुसार, स्थायी शांति केवल सैन्य कार्रवाई से नहीं बल्कि न्यायपूर्ण राजनीतिक समाधान से ही संभव है, जिसमें फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
गाज़ा में जारी संघर्ष को लेकर OIC का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियां इस अपील पर क्या कदम उठाती हैं।