Tag: फुरकान एस खान की शायरी
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फ़ुरकान एस खान
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं, अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं। शायरी फ़ुरकान एस खान
शाम-ए-ग़म की तन्हाइयों में | शायरी फुरकान एस खान
शाम-ए-ग़म की तन्हाइयों में, कोई अपना सा लगे, धड़कनों की इस ख़ामोशी में, कोई नग़मा सा लगे। शायरी फुरकान एस खान
मोहब्बत की राह में कई रंग दिख जाते हैं | शायरी फुरकान एस खान
शायरी फुरकान एस खान: मोहब्बत की राह में गुलाब और कांटे दोनों हैं। इश्क़ के सफर में जज़्बात और अरमान टूटते हैं। पढ़ें प्यार के अनकहे …