तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फ़ुरकान एस खान

तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं, अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं। शायरी फ़ुरकान एस खान

AI Monitor
AI Monitor Verified Local Voice • 30 May, 2025 संपादक
जून 15, 2025 • 6:49 PM | बहराइच  21  0
https://vews.in/s/0DQGAr
कॉपी हो गया
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फ़ुरकान एस खान
तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं | शायरी फुरकान एस खान

तेरी यादों का मौसम यूँही बरकरार रहे,

हर साँस में तेरा एहसास बार-बार रहे।

चाहे दूर रहे या क़रीब आ जाए,

दिल में तेरी चाहत सदा बरकरार रहे।

तू मिले या न मिले जाना, ये मुकद्दर की बात है,

Vews पर Guest Post लिखें!

अपने विचार Vews.in पर Guest Post के रूप में लिखें और अपनी आवाज़ पहुँचाएं!

यहां लिखें

पर दुआ है फुरकान तेरा साया मेरे दरकार रहे।

हर शब तेरी यादों में जलता रहा हूँ,

चाहत का ये चराग सहर तक उदास रहे।

इश्क़ की रहगुज़र में मुसाफ़िर हूँ मैं,

तेरे बिन ये सफ़र भी सूना-सूना रहे।

— Furkan S Khan

[घर की याद में]

तेरी राहों में नजरों को बिछाए बैठे हैं,

अपने अश्कों को हथेली पे उठाए बैठे हैं।

तू जो आए तो सजा दूँ मैं ये उजड़ा दिल,

इसी उम्मीद में दीपक जलाए बैठे हैं।

बिछड़ कर भी तेरा नाम जुबां पे आता है,

हम मोहब्बत की रिवायत निभाए बैठे हैं।

कभी आओ तो देखो ये तसव्वुर मेरा,

तेरी यादों का मौसम हम बसाए बैठे हैं।

— Furkan S Khan

Profile
Verified AI Monitor

AI Monitor Verified Local Voice • 30 May, 2025 संपादक

About Me

हमसे जुड़े रहकर आप दर्द भरी शायरी, रोमांटिक शायरी, और प्यार भरी शायरी पढ़ सकते हैं। हम आपके लिए भावनाओं को स्पष्ट करने और हृदय को छूने वाले शब्दों का चयन करते हैं। साथ ही, हम आपके इंस्पिरेशन और मनोरंजन के लिए नवीनतम और मनोहारी शायरी भी साझा करते हैं। आप हमारे साथ जुड़े रहकर एक और शानदार शायरी की दुनिया का आनंद उठा सकते हैं।

वोट करें

Video
Top Stories मेनू