Gaza Ceasefire: इजरायल के खिलाफ 8 देशों का कड़ा रुख, युद्धविराम उल्लंघन पर जारी किया संयुक्त बयान
Gaza Ceasefire News: गाजा में युद्धविराम उल्लंघन पर कतर, सऊदी अरब और पाकिस्तान समेत 8 देशों ने इजरायल की निंदा की है। जानें कैसे यह ट्रंप की शांति योजना और UN प्रस्ताव 2803 के लिए खतरा बन सकता है।
गाजा (Gaza) में युद्धविराम के लगातार हो रहे उल्लंघन को लेकर आठ प्रमुख अरब और इस्लामिक देशों ने इज़राइल (Israel) के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर चेतावनी दी है कि इज़राइल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों के कारण एक हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत और चोटें हुई हैं, जो एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय है।
किन 8 देशों ने जारी किया संयुक्त बयान?
इस अहम संयुक्त बयान पर मध्य-पूर्व और एशिया के प्रभावशाली देशों के विदेश मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें शामिल हैं:
- कतर (Qatar)
- मिस्र (Egypt)
- सऊदी अरब (Saudi Arabia)
- जॉर्डन (Jordan)
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- तुर्किये (Turkey)
- पाकिस्तान (Pakistan)
- इंडोनेशिया (Indonesia)
इन सभी देशों ने एक स्वर में कहा कि इज़राइल द्वारा गाजा युद्धविराम (Gaza Ceasefire) का उल्लंघन न केवल मानवीय संकट को बढ़ा रहा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा बनता जा रहा है।
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गाजा में मानवीय संकट और नागरिकों पर असर
बयान में जोर देकर कहा गया है कि इज़राइल की इन कार्रवाइयों के चलते गाजा पट्टी में हालात बदतर होते जा रहे हैं। बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए हैं और हजारों घायल हुए हैं। बुनियादी ढांचे के नुकसान ने मानवीय सहायता को और मुश्किल बना दिया है।
Joint Statement by Eight Arab and Islamic countries expressing their strong condemnation of the repeated Israeli violations of the ceasefire in Gaza
Doha | February 1, 2026
The Foreign Ministers of the State of Qatar, the Arab Republic of Egypt, the Hashemite Kingdom of Jordan,… pic.twitter.com/0WzFMysBw9— Ministry of Foreign Affairs - Qatar (@MofaQatar_EN) February 1, 2026Vews पर Guest Post लिखें!
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ट्रंप की शांति योजना और UN प्रस्ताव पर खतरा
विदेश मंत्रियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि युद्धविराम उल्लंघन से राजनीतिक प्रक्रिया को सीधा नुकसान पहुंच रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की शांति योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) के प्रस्ताव 2803 को लागू करने के प्रयास भी इन हिंसक घटनाओं से कमजोर पड़ रहे हैं।
संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील
संयुक्त बयान में संघर्ष के सभी पक्षों से अपील की गई है कि वे इस संवेदनशील दौर में अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें और अधिकतम संयम बरतें। मंत्रियों ने कहा कि किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई से बचा जाना चाहिए, जो मौजूदा शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार दे और क्षेत्र को फिर से हिंसा की आग में झोंक दे।
निष्कर्ष: स्थायी समाधान की ओर
बयान के अंत में अरब और इस्लामिक देशों ने दोहराया कि क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति के लिए केवल युद्धविराम काफी नहीं है। गाजा में जल्द पुनर्निर्माण और मानवीय राहत के साथ-साथ यह जरूरी है कि:
- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलिस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता मिले।
- अरब शांति पहल और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना हो।
Source: Qatar Ministry of Foreign Affairs
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Furkan S Khan Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 मुख्य संपादक
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