कराची गुल प्लाजा आग 2026: मौतों की संख्या 23-26 तक पहुंची, 65+ लोग लापता | ताजा अपडेट

कराची के गुल प्लाजा में लगी भीषण आग में 23-26 मौतें हो चुकी हैं, दर्जनों लोग लापता। फायर सेफ्टी की कमी, शॉर्ट सर्किट संभावित कारण। जानें पूरी डिटेल, रेस्क्यू अपडेट और जांच।

कराची गुल प्लाजा आग 2026: मौतों की संख्या 23-26 तक पहुंची, 65+ लोग लापता | ताजा अपडेट
कराची गुल प्लाजा आग 2026

हादसे का पूरा विवरण

पाकिस्तान के कराची शहर में 17 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे गुल प्लाजा (Gul Plaza) नामक मल्टी-स्टोरी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई। यह एमए जिन्ना रोड पर स्थित एक प्रमुख थोक बाजार है, जहां लगभग 1200 दुकानें थीं। दुकानों में कपड़े, प्लास्टिक सामान, कॉस्मेटिक्स, खिलौने, घरेलू सामान और अन्य ज्वलनशील चीजें भरी हुई थीं।

आग इतनी तेजी से फैली कि फायर ब्रिगेड को इसे पूरी तरह बुझाने में 24 से 36 घंटे लग गए। आग रविवार शाम तक काफी हद तक नियंत्रित हुई, लेकिन सोमवार को भी मलबे से शव बरामद हो रहे हैं। इमारत का कुछ हिस्सा ढह गया, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और मुश्किल हो गया।

ताजा अपडेट: मौतें, लापता और घायल

19 जनवरी 2026 शाम तक की रिपोर्ट्स के अनुसार आंकड़े अलग-अलग स्रोतों में थोड़े भिन्न हैं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति गंभीर है:

  • मौतें: 23 से 26 तक (Reuters और ABC News में 23, कुछ लोकल रिपोर्ट्स जैसे ARY और Samaa में 26 तक पहुंची)। इसमें एक फायर फाइटर और एक बच्चा शामिल है।
  • लापता: 46 से 70+ (पुलिस चीफ असद रजा ने 46, मेयर मुर्तजा वहाब ने 65, कुछ रिपोर्ट्स में 71-73 का जिक्र)। रेस्क्यू टीमें मलबे से लगातार तलाश कर रही हैं।
  • घायल: 20 से 80+ लोग, ज्यादातर जलने की चोटों से प्रभावित। कई अस्पतालों में भर्ती हैं।
"65 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें से 18 शव बरामद और पहचाने जा चुके हैं।" — कराची मेयर मुर्तजा वहाब, Geo News को दिए बयान में

स्रोत: Reuters, Dawn, ABC News, ARY News, Samaa TV (19 जनवरी 2026 तक)

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आग लगने के संभावित कारण और सेफ्टी उल्लंघन

प्रारंभिक जांच में बिजली का शॉर्ट सर्किट मुख्य वजह मानी जा रही है, खासकर एक दुकान में जहां कृत्रिम फूल और ज्वलनशील सामान था। कुछ रिपोर्ट्स में गैस लीकेज और विस्फोट का भी जिक्र है, लेकिन फॉरेंसिक जांच जारी है।

सबसे बड़ी समस्या सेफ्टी नियमों की अनदेखी है। Sindh Building Control Authority (SBCA) के रिकॉर्ड्स से पता चला कि:

  • मंजूर प्लान से ज्यादा दुकानें बनाई गईं (1200 के करीब)।
  • कॉरिडोर और इमरजेंसी एग्जिट पर दुकानें बना दी गईं।
  • फायर स्प्रिंकलर, अलार्म और वेंटिलेशन सिस्टम नाकाम या अनुपस्थित थे।
"यह हादसा सिर्फ आग का नहीं, बल्कि खराब गवर्नेंस और सेफ्टी नियमों की अनदेखी का नतीजा है। इमारत में दशकों से ज्ञात कमियां थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।" — Dawn न्यूज एडिटोरियल

कराची में ऐसे हादसे बार-बार होते हैं। 2023 में एक मॉल फायर में 10 मौतें हुईं, और फैक्ट्री फायर में भी कई जानें गईं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ओवरलोडेड वायरिंग, अवैध एक्सटेंशन और कमजोर इंस्पेक्शन मुख्य वजह हैं।

रेस्पॉन्स में देरी और लोगों का गुस्सा

फायर ब्रिगेड को पानी की कमी, ट्रैफिक जाम और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा। लोग साइट पर पहुंचकर सरकार और मेयर के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। कई परिवार घंटों से इंतजार कर रहे हैं।

"हम टैक्स देते हैं, लेकिन फायर ब्रिगेड के पास पानी तक नहीं था। यह लापरवाही है!" — प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय लोगों का गुस्सा (सोशल मीडिया और न्यूज रिपोर्ट्स से)

सिंध सरकार ने जांच कमिटी बनाई है, और कुछ सीनेटर्स ने ज्यूडिशियल इंक्वायरी की मांग की है। पीएम शहबाज शरीफ ने भी सिंध सीएम से संपर्क किया और सहयोग का वादा किया।

मानवीय कहानियां और शहर पर असर

शादियों का सीजन होने से प्लाजा में भीड़ ज्यादा थी। कई लोग आखिरी वक्त में फोन कॉल्स और मैसेज भेजकर मदद मांग रहे थे, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। परिवार वाले रो-रोकर बेबसी जाहिर कर रहे हैं।

आर्थिक नुकसान भी बड़ा है — हजारों दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हुए। कराची जैसे व्यस्त शहर में ऐसे हादसे बार-बार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं।

यह आर्टिकल विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों (Reuters, Dawn, ARY News, ABC News आदि) पर आधारित है। अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 7

गुल प्लाजा में भीषण आग 17 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे लगी, जो तेजी से पूरी इमारत में फैल गई।

अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार मौतों का आंकड़ा 23 से 26 के बीच बताया जा रहा है। आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

कराची प्रशासन और मेयर के मुताबिक 65 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

शुरुआती जांच में बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि फोरेंसिक जांच अभी जारी है।

नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इमारत में फायर सेफ्टी सिस्टम, स्प्रिंकलर और इमरजेंसी एग्जिट या तो मौजूद नहीं थे या काम नहीं कर रहे थे।

हां। सिंध सरकार ने जांच कमेटी गठित की है और कुछ नेताओं ने न्यायिक जांच की भी मांग की है।

रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि मलबे से शव और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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Furkan S Khan Verified Public Figure • 05 Aug, 2014

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2013 से खाड़ी देशों में बसे भारतीयों की ज़िंदगी से पर्दा उठा रहे हैं। प्रवासियों की आवाज़ बेखौफ़ उठाते हैं। हमारे साथ जुड़ें, सच्ची ख़बरों के लिए।