UP News: बहराइच में चार दिन से दहशत फैला रहा बाघ पकड़ा गया | Katarniaghat Tiger Rescue

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में चार दिनों से गांव में घूम रहे बाघ को वन विभाग ने बेहोश कर पकड़ लिया। ड्रोन की मदद से की गई निगरानी, घने कोहरे ने बढ़ाई चुनौती।

Furkan S Khan
Furkan S Khan Verified Public Figure • 05 Aug, 2014 मुख्य संपादक
जनवरी 18, 2026 • 5:17 PM | बहराइच  24  0
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UP News: बहराइच में चार दिन से दहशत फैला रहा बाघ पकड़ा गया | Katarniaghat Tiger Rescue
बहराइच में चार दिन से दहशत फैला रहा बाघ पकड़ा गया

बहराइच (उत्तर प्रदेश), 17 जनवरी: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बीते चार दिनों से गांव के आसपास घूम रहे एक बाघ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने बेहोश कर पकड़ लिया। यह कार्रवाई कतरनियाघाट वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहुआ मंसूर गांव के पास की गई।

गांव में बाघ की मौजूदगी से फैली थी दहशत

अधिकारियों के अनुसार, बाघ को सबसे पहले बहराइच जिले के मेहसी तहसील स्थित रहुआ मंसूर गांव के स्थानीय लोगों ने देखा था। बाघ के खुले इलाके में घूमने की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।

यह इलाका पहले भी पिछले दो वर्षों में भेड़ियों और तेंदुओं के हमलों की घटनाएं देख चुका है, जिससे लोगों में डर और ज्यादा बढ़ गया था।

वन विभाग की रणनीति और रेस्क्यू ऑपरेशन

डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) सुंदरेशा ने बताया कि वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का निर्णय लिया। इस दौरान मानव आबादी और स्वयं बाघ – दोनों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, हालांकि घने कोहरे के कारण निगरानी में काफी परेशानी आई। इसके बावजूद वनकर्मियों की टीम लगातार इलाके में डटी रही।

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बेहोश कर सुरक्षित स्थान पर भेजा गया बाघ

कई घंटों की मशक्कत के बाद बाघ को ट्रैंक्विलाइज़र की मदद से बेहोश किया गया और सुरक्षित रूप से कब्जे में ले लिया गया। इसके बाद उसे चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

वन विभाग के अनुसार, बाघ को आगे की देखभाल और पुनर्वास के लिए सुरक्षित वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि भविष्य में मानव-बाघ संघर्ष की घटनाओं से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

बाघ के पकड़े जाने के बाद रहुआ मंसूर और आसपास के गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार दिनों से लोग खेतों और घरों से बाहर निकलने में डर रहे थे।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि भविष्य में इस तरह की कोई भी वन्यजीव गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें और स्वयं किसी भी तरह की जोखिम भरी कार्रवाई न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 7

यह बाघ करीब चार दिनों से बहराइच जिले के रहुआ मंसूर गांव और आसपास के इलाकों में देखा जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया था।

बाघ को कतरनियाघाट वन रेंज के अंतर्गत आने वाले रहुआ मंसूर गांव के पास से वन विभाग की टीम ने बेहोश कर पकड़ा।

वन विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। इसके बाद ट्रैंक्विलाइज़र (बेहोश करने वाली दवा) की मदद से उसे सुरक्षित रूप से काबू में किया गया।

नहीं, इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। वन विभाग ने समय रहते कार्रवाई कर ली।

बाघ को चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि मानव और वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सके।

हां, बहराइच और आसपास के इलाकों में पिछले दो वर्षों में भेड़ियों और तेंदुओं के हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर को देखने पर अफवाह न फैलाएं और तुरंत प्रशासन या वन विभाग को सूचना दें।
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2013 से खाड़ी देशों में बसे भारतीयों की ज़िंदगी से पर्दा उठा रहे हैं। प्रवासियों की आवाज़ बेखौफ़ उठाते हैं। हमारे साथ जुड़ें, सच्ची ख़बरों के लिए।

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